Homeसमाचारगौ धाम गुरुकुल में उल्लास से मनी होली

गौ धाम गुरुकुल में उल्लास से मनी होली

मथुरा स्थित विहारवन राल गौशाला में पिछले छ: महीनों से उमा कल्याण ट्रस्ट द्वारा संचालित गौ धाम गुरुकुल में होली मनायी गई।

होली के उत्साह में मगन बच्चों ने जमकर होली खेली और नृत्य किया। होली के आनंद ने बच्चों के साथ बड़ों को भी आकर्षित किया। 

वृंदावन स्थित गौ धाम आश्रम के संयोजन से राल गौशाला परिसर में वितरित गुझियों की मिठास से होली की धूम और उल्लास दोगुना हो गया।

सुंदर भविष्य की ओर ‘गौ धाम गुरुकुल’

gurukul kb web 1

राल गौशाला के संस्थापक श्री राजेश अग्रवाल जी और उमा कल्याण ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी श्रीयुत श्रीनारायण अग्रवाल जी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में विहार वन राल गोशाला में गुरुकुल संचालित किया जा रहा है। गौ धाम गुरुकुल का उद्देश्य है कि यहाँ बच्चे सीखे, समझें और अपने कार्यों से समाज में योगदान दे सकें।

शिक्षा– संस्कृति– संस्कार के केंद्र ‘गौ धाम गुरुकुल’ की बुनियाद 10 सितंबर 2024 को रखी गई। इस गुरुकुल में राल गोशाला में काम करने वाले गौ सेवकों के बच्चों के साथ ही आसपास के गांव के बच्चे पढ़ते हैं।

‘गौ धाम गुरुकुल’ में दो से तेरह – चौदह वर्ष की आयु के बच्चे बड़े उत्साह से शिक्षा ग्रहण करते हैं।

व्यक्तित्व विकास से देश विकास की ओर उन्मुख गौ धाम गुरुकुल में आने वाले हर बच्चे को यूनिफ़ॉर्म्स के जोड़े और पैरों में पहनने के लिए क्रॉक्स दिए गये हैं। इसके अलावा बच्चों को प्रतिदिन दूध और स्नैक्स भी दिया जाता है।

प्रातः स्नान और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप कर गौधाम गुरुकुल के विद्यार्थी राल गौशाला परिसर में बने मंदिर में चल रहे हरिनाम अखंड कीर्तन में भाग लेकर अपने दिन का प्रारंभ करते हैं।

‘गौ धाम गुरुकुल’ की कक्षा प्रतिदिन ॐ की पवित्र ध्वनि से आरंभ होती है। फिर सरस्वती वंदना और गायत्री मंत्र का जाप होता है।

‘गौ धाम गुरुकुल’ में बच्चों को अनुशासन, संस्कृति और संस्कार शिक्षा के साथ – साथ अक्षर ज्ञान और हिसाब-किताब रखना सिखाया जाता है। मौखिक ज्ञान के साथ ही बच्चों को साक्षर बनाया जा रहा है, इसके लिए उन्हें स्लेट पर बत्ती से लिखना सिखाया जाता है।

छोटी- छोटी कहानियों, कविताओं के माध्यम से बच्चे प्रकृति का आदर करना सीख रहे हैं।

देश- दुनिया के बारे में सामान्य ज्ञान प्राप्त करने के साथ ही ‘गौ धाम गुरुकुल’ के बच्चे  अपना काम स्वयं करना सीखते हैं।

विहार वन राल गोशाला के व्यस्क गौ सेवकों की सहायता से बच्चों ने स्वयं पोषण वाटिका लगाई है, जिसकी देखभाल बच्चे ही करते हैं। ‘गौ धाम गुरुकुल’ में बच्चे सीखते हैं – सजगता, सामर्थ्य और स्वच्छता।

श्रीनारायण अग्रवाल जी की प्रेरणा से ‘गौ धाम गुरुकुल’ में संस्कार जागरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। क्योंकि उनका मानना है कि गुरुकुल के अनुशासित वातावरण में संस्कारित आज के ये नन्हे पौधे आने वाले कल के सुदृढ़ वृक्ष बनेंगे तथा समाज और देश के काम आयेंगे।

विशेष

लोकप्रिय